
मथुरा और वृंदावन भले ही भगवान श्रीकृष्ण के लिए जाना जाता हो लेकिन बरसाना को राधा रानी के लिए जाना जाता है यहीं पर राधा का जन्म हुआ था. मथुरा से बरसाना की दूरी तकरीबन 50 और वृंदावन से इसकी दूरी तकरीबन 43 किलोमीटर है. मथुरा घूमने आए पर्यटक बरसाना घूमने अवश्य जाते हैं। भक्तों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है, अब भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की लीला भूमि बरसाना में रोप-वे तैयार होने जा रहा है, जिससे बूढ़े, बुजुर्ग, बच्चे और दिव्यांग व्यक्तियों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा और वह भी आसानी से राधारानी के दर्शन कर पायेंगे। अभी श्रध्दालुओं को 300 सीढ़ियां चढ़कर जाना पड़ता है। रोप-वे बनने से, 187 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मंदिर तक कुछ ही मिनट में पहुंचा जा सकेगा।
पश्चिमी यूपी का पहला रोप-वे

यह पश्चिमी यूपी का पहला रोप-वे होगा, जो जल्द शुरू होने जा रहा है। इस रोप-वे में श्रद्धालुओं को कई सुविधाएं और भी मिलने वाली है। रोप-वे के पास ही श्रद्धालुओं के लिए वेटिंग रूम, रेस्ट रूम के साथ रेस्टोरेंट भी बनाया गया है। जिसमें श्रद्धालुओं को सभी जरूरी सुविधाएं भी मिल सकेंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट को बनाने की लागत 30 करोड़ रुपये है।
रोपवे की खासियत

राधारानी के धराधाम पर बरसाना में रोप-वे को लेकर आठ वर्षों का इंतजार अब खत्म होने को है। रोप-वे योजना का ट्रॉयल तीन जून से शुरू हो जाएगा। माना जा रहा है कि 15 जून के बाद इसका विधिवत संचालन हो सकता है। इस रोपवे की लंबाई 300 मीटर और ऊंचाई 150 मीटर होगी। रोपवे मंदिर के पीछे निकास द्वार की तरफ जाकर खुलेगा। बरसाना में बनाए जा रहे रोपवे में करीब 12 ट्रॉली लगाई जाएंगी। इसमें एक ट्राली में चार श्रद्धालु सफर कर सकेंगे। इसका संचालन दिन के समय किया जाएगा। बरसाना में बनने वाला यह उत्तर प्रदेश का तीसरा रोपवे है।
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