
यू तो देश की राजधानी दिल्ली में घूमने फिरने , पिकनिक मनाने के लिए , मौज मस्ती के लिए एक से एक जगह मौजूद है। लेकिन हाल फिलहाल के दिनो मे एक अनूठे पार्क का भी शुभारंभ हुआ है। बांसेरा नाम के इस अनूठे को बांस के पेड़ की थीम पर सजाया संवारा गया है।
बांस का थीम पार्क, बांसेरा एक अनूठा और अद्वितीय पर्यटक आकर्षण है जो बांस के अद्वितीय उपयोगों, सौंदर्य और पर्यावरणीय महत्व को दर्शाता है। यह पार्क दिल्ली की यमुना नदी के डूब क्षेत्र में विकसित किया गया है । और यह शहर के हृदय में एक शांतिपूर्ण और हरित स्थान प्रदान करता है। इस पार्क का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, बांस के महत्व को बढ़ावा देना, और आने वाले लोगो को बांस के विभिन्न उपयोगों और इसके स्थिर पहलुओं के बारे में जागरूक करना है।
बांस के थीम पार्क बांसेरा का वातावरण बहुत ही सुखद और हरित है। पार्क में घने बांस के पेड़ हैं जो चारों ओर से एक अद्वितीय और सुंदर दृश्य प्रदान करते हैं। बांस के झुरमुट के बीच से चलने वाले रास्तों पर चलना एक अद्वितीय अनुभव है। आने वाले लोग यहां सुकून की सांस ले सकते हैं और प्रकृति की सुंदरता का आनंद ले सकते हैं। यहां बांस के लगभग 25 प्रकार के 20 से 25 हजार पौधे रोपे गए थे।


कहा तो ये भी जाता है की बांस के परियावरण के हितेषी होते है , अधिक मात्रा में ऑक्सीजन प्रदान करते है , बाढ़ रोकने के काम भी आते है। इसीलिए दिल्ली सरकार और केन्द्र सरकार ने इस तरह के अनूठे थीम पार्क बनाने को मंजूरी दी थी।
बांस का थीम पार्क बांसेरा न केवल एक पर्यटक आकर्षण है बल्कि यह एक ऐसा स्थान है जहां लोग बांस के महत्व, उसके संरक्षण, और उसके विभिन्न उपयोगों के बारे में जान सकते हैं। बांस एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है जो न केवल पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि इसका उपयोग निर्माण, फर्नीचर, कपड़े, और अन्य उद्योगों में भी किया जाता है।इस पार्क के माध्यम से आगंतुकों को बांस के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर मिलता है, जिससे वे बांस के स्थिरता पहलुओं के बारे में समझ सकते हैं। इसके अलावा, पार्क के माध्यम से स्थानीय समुदायों को भी बांस के महत्व के बारे में जानकारी मिलती है और वे इसके उपयोग से संबंधित कौशल प्राप्त कर सकते हैं।
हर साल दिल्ली में जो बाढ़ आती है। इस तरह के प्रयोग से उस पर भी लगाम लगाई जा सकती है। पर्यावरण भी संतुलित रहता है। प्रदूषण भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।



पार्क की विशेषताएं:
बांस के शिल्प और कला : पार्क में बांस से बनी विभिन्न शिल्प और कला की प्रदर्शनी होती है। आगंतुक बांस से बनी कला के टुकड़ों को देख सकते हैं जो पारंपरिक और आधुनिक शैलियों के संयोजन का प्रतीक हैं।
प्राकृतिक परिवेश: पार्क में बांस के अलावा अन्य पेड़-पौधे भी हैं, जो एक समृद्ध प्राकृतिक परिवेश बनाते हैं। यहां आगंतुक पक्षियों की चहचहाहट का आनंद ले सकते हैं और वन्य जीवों के साथ समय बिता सकते हैं।
बांस से बने संरचनाएं: पार्क में बांस से बने विभिन्न प्रकार के संरचनाएं और भवन भी हैं। ये संरचनाएं बांस के निर्माण सामग्री के रूप में उपयोग के विभिन्न पहलुओं को दर्शाती हैं
पर्यटन और मनोरंजन: पार्क में आगंतुकों के लिए कई गतिविधियां और मनोरंजन के अवसर भी हैं। जैसे कि बांस से बने खेल के मैदान, सैर-सपाटा क्षेत्र, और प्रकृति के करीब होने के लिए विशेष ट्रेल्स या रास्ते।
स्वास्थ्य और योग: बांसेरा में आने वाले लोगो के लिए योग और ध्यान के सत्र भी आयोजित किए जाते हैं, जिससे वे प्रकृति के साथ अपने संबंध को मजबूत कर सकते हैं।


कुल मिलाकर अंत में इतना ही कह सकता हु की
बांस का थीम पार्क, (बांसेरा )एक अद्वितीय स्थान है जहां आने वाले लोग बांस की सुंदरता, उसकी उपयोगिता, और उसके महत्व को समझ सकते हैं। यह पार्क न केवल पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाता है बल्कि लोगों को प्रकृति के करीब लाता है और उनके जीवन में संतुलन और शांति का अनुभव कराता है। यह एक ऐसा स्थान है जहां हर किसी को कम से कम एक बार अवश्य जाना चाहिए।
पता। निकट सराय काले खां । यमुना नदी के नजदीक
आप निजामुद्दीन मेट्रो स्टेशन उतर कर भी आसानी से यहां आ सकते है।