
मथुरा-वृंदावन को भगवान कृष्ण की जन्मस्थली के रूप में जाना जाता है। ये स्थान तीर्थस्थलों के रूप में अधिक प्रसिद्ध हैं। इन दोनों शहरों की पवित्र भूमि पर अक्सर सभी तीर्थयात्री इस स्थान पर दर्शन के लिए आते हैं। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय जल परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने घोषणा की कि जल्द ही मथुरा और वृंदावन को जोड़ने वाली यमुना नदी पर एक क्रूज सेवा शुरू की जाएगी। मथुरा क्रूज लाइंस प्राइवेट लिमिटेड जल्द ही मथुरा में यमुना नदी पर शानदार क्रूज चलता हुआ दिखाई देगा। कंपनी के सीईओ अतुल तेवतिया ने बताया मथुरा में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्रूज के जरिये लोगों को यमुना किनारे के मंदिरों घाटों और शाम को होने वाली यमुना आरती दिखाई जाएगी।
क्रूज की खासियत

इस क्रूज का नाम गरुड़ रखा गया है। इसकी लंबाई 50 फीट, ऊँचाई 15 फीट और चौड़ाई 17 फीट होगी। इसमें एक बार में 100 से अधिक यात्री सफर कर पायेंगे। यह क्रूज मुख्यतः मथुरा वृंदावन के बीच चलाया जाएगा। क्रूज में लोगों की धार्मिक आस्था और मनोरंजन दोनों का ख्याल रखा जाएगा। स्थानों के बारे में जानकारी देने के लिए गाइड और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।
वृंदावन से गोकुल तक की जाएगी यह सेवा शुरू

वृंदावन से गोकुल तक का जलमार्ग 22 किमी लंबा होगा, जहां पर्यटक क्रूज से कई स्थानों पर उतर और चढ़ सकते हैं। इस मार्ग में कुल 11 स्थानों पर टर्मिनल बनेंगे। यात्री वृंदावन के जुगल घाट, केसी घाट, देवराह बाबा घाट, पानी गांव मोड़, मथुरा में कंस किला, विश्राम घाट, ध्रुव घाट के पास नए पुल, गोकुल बैराज, वासुदेव वाटिका गोकुल तक जा सकेंगे। अगले वर्ष अक्टूबर में वृंदावन से मथुरा होते हुए गोकुल तक यह सेवा शुरू हो जाएगी। परिषद ने इसका प्लान बना लिया है।
मथुरा और वृन्दावन भगवान कृष्ण की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध हैं और हर साल बड़ी संख्या में यहां तीर्थयात्री और पर्यटक आते हैं। यह परियोजना लगभग 1000 करोड़ रुपये की होगी। इससे श्रद्धालु बिना ट्रैफिक जाम से सुगमता से मथुरा से वृंदावन आ-जा सकेंगे। दोनों ही शहर आस-पास हैं इसलिए इनमें बने मंदिर और पवित्र स्थल एक दिन में देखे जा सकते हैं। क्रूज से यहां पहुंचने में आसानी होगी। यह उम्मीद की जा रही है कि इससे यहां पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी।