
धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले खुबसूरत कश्मीर की बात ही निराली है। एक से बढ़ कर एक जगह देखने लायक है। बहुत सी घाटियों में बसे हिल स्टेशन प्रसिद्ध है जैसे बेताब वैली, लिडर वैली, चेनाब वैली , बंगस वैली आदि। ऐसी ही कई अनदेखी खुबसूरत वैली से बना है कुपवाड़ा।
पीर पंजाल बहुत बड़ी पहाड़ियों की श्रेणी है जो पाकिस्थान से शुरु हो कर जम्मू कश्मीर से होती होए हिमाचल प्रदेश के उत्तर पछमी भाग को घेरती है। इस में बहुत सारे दर्रे है, एक दर्रे के नाम पर ही इसका नाम पड़ा, उस दर्रे का नाम है पीर पंजाल दर्रे जिसको पंजाल की गली भी कहते है।
पुराने समय में पीर पंजाल को पंचालधारा था जो वर्तमान उत्तर प्रदेश सम्राजय का भाग था।
यह पर्वतमाला कश्मीर घाटी को जम्मू के राजौरी और पुंछ से जोड़ती हैं।
सियाचिन ग्लेशियर जो एक तरह का ठंडा मरुथल है जहां किसी वनस्पति का नामोनिशान नहीं है इसी पर्वतमाला में स्थित है।
मनाली के समीप रोहतांग दर्रे के पास ब्यास नदी निकलती है।
कैलाश मनी महेश पीर पंजाल रेंज का सब से ऊंचा प्वाइंट है। जिसकी ऊंचाई 18556 फीट है।




भारत के यूनियन टेरिटरी मतलब केंद्र शास्त्र प्रदेश जम्मू एंड कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में स्थित बंगस वैली बेहद खूबसूरत जगह है। ऐसी ओर भी खूबसूरत जगह कुपवाड़ा का ताज कहलाती है।
पीर पंजाल पर्वतमाला की यह जगह अपने हरे भरे जंगलों, बर्फ से लदे पहाड़ों, क्रिस्टल जैसे साफ़ पानी के लिए प्रसिद्ध है।
यह सुंदर जगह टूरिस्ट्स के लिए अभी भी हिडन है जिस की वजह से आज भी इसकी सुंदरता पूरी प्राकृतिक है। जिसे देख कर मन खुश हो जाता है।


कुपवाड़ा में देखने लायक जगह कौन सी है, कब जाएं, कैसे जाएं।
इन सब बातों पर हम इस ब्लॉग में बात करेंगे।
कौन सी जगह देखें:
1. बंगस वैली: कुपवाड़ा से 48 किलोमीटर की दूरी पर है बंगस वैली। समुन्दर तल से बंगस वैली की ऊंचाई 10000 फीट है। अभी भी बंगस वैली अछूती है, जहां बहुत कम लोग जाते है, कुछ लोग तो टेरियस्ट्स के डर से नही जाते, मगर टूरिस्ट्स के लिए कश्मीर में कोई संकट नहीं है।
बंगस वैली के निचले हिस्से में बहुत सारे मेडिसिनल प्लांट्स है, फूल वाले पौदे ऐसे ही फ्लोरा और फना से भरपूर है।
बंगस वैली के उपर वाले क्षेत्र में घने जंगल है, बर्फ वाली चोटियां इसे ओर भी सुन्दर बना देती है।
2. Lolab वैली : इस खुबसूरत घाटी का नाम एक राजा जिसका नाम LOLO था, उनके नाम पर रखा गया था। हरी भरी चरागाहों, कहीं पर बिखरे कंकर, साफ़ शीतल जलाशाओं इसकी खुबसूरती को निहार देते है। कंकरों से गुजरते जल का मधुर संगीत मन को बिलकुल रिलैक्स कर देता है।
25 किलोमीटर में फैली चरागाह अपने आप में बहुत खास है। घने देवदारों के बीच गुजरती होए नदी, जलधारा अपनी सुंदरता बयान करती है। lolab की मुख्य नदी का नाम है लालकुल।
LOLAB का पूरा अर्थ है
लैंड ऑफ लव एंड ब्यूटी ( land of love and beauty )








3. सीमाब वैली: सीमाब का अर्थ होता है चांदी जैसा सफ़ेद। इस घाटी में घने जंगलों के बीच एक जल स्रोत है जिसका नाम है डाल कुल। कुपवाड़ा से 4 किलोमीटर की दूरी पर है सीमाब वैली। रॉक क्लाइंबिंग, ट्रेकिंग के लिए जानी जाती सीमाब घाटी टूरिस्ट्स में अपने एडवेंचर के लिए प्रसिद्ध है।
4. सधना पास : सधना पास कुपवाड़ा में स्थित है जो कुपवाड़ा की तहसील करनाह को भारत से जोड़ता है। इस रास्ते के व्यूज बहुत अच्छे है। इसको सधना व्यू प्वाइंट से भी जाना जाता है। इसकी समुंदर तल से ऊंचाई 3000 मीटर है। इस जगह परियों का देश भी कहा जाता है जो लोगों की मदद करती थी।







कैसे जाएं:
निकटटम एयरपोर्ट : श्रीनगर कुपवाड़ा का सबसे निकट एयरपोर्ट है जो कुपवाड़ा से 90 किलोमीटर की दूरी पर है।
निकटटम रेलवे स्टेशन : बारामूला जो कुपवाड़ा से 64 किलोमीटर की दूरी पर है, सबसे निकट रेलवे स्टेशन है।
सड़क से माध्यम से: श्रीनगर से कुपवाड़ा के लिए बस, टैक्सी आसानी से मिल जाती है।
चलिए आए धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर की खूबसूरत जगह कुपवाड़ा को देखने।

