देश के लगभग हर जगह से हमें पांडवों से जुड़े स्थान और ऐतिहासिक चीज़े देखने को मिलेंगी।
” पांडव झरना ” भी उन्ही पुरानी कहानियों से जुड़ा एक ऐतिहासिक हिस्सा है।
जोकि पन्ना से 14 किमी दूरी पर स्थित है और देखा जाय तो खजुराहों से लगभग 35km दूरी पर स्थित है ।
पांडव जलप्रपात मध्य प्रदेश के पन्ना ( national पार्क) जिले में पन्ना राष्ट्रीय उद्यान का एक हिस्सा है जोकि एक शांत झरना के रुप मे है।




जोकि साल भर पानी रहता है जहां घूमने के लिए और पिकनिक स्पॉट और एडवेंचर activity से भरपूर है जहां प्रकृति के साथ जंगल सफारी का मजा ले सकते है पांडव जलप्रपात पन्ना में दर्शनीय झरनों में से एक है और खजुराहों दर्शनीय स्थलों के शीर्ष स्थानों में से एक है।
पाण्डव जलप्रपात मध्यप्रदेश में केन नदी की एक सहायक नदी द्वारा गिराया गया बारहमासी झरना है। झरना लगभग 30 मीटर की उपर से एक हृदय के आकार के बड़ा तालाब में गिरता है। हरे-भरे जंगलों से घिरा है और मानसून के साथ साथ हर समय visit किया जा सकता है सिवाय गरमी के क्यूंकि गरमी के दिन तापमान ज्यादा रहता है




पांडव फॉल्स ऐतिहासिक स्थान की दृष्टि से महत्व है जहा शान्ति, पवित्रता और रहस्यपूर्ण वातावरण से स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को लुभाती हैं जहां महाभारत के पाण्डव से जुड़ी कहानियां है कहते है पाण्डव जब 12 वर्ष का बनवास और एक वर्ष का अज्ञात वास मिला था उसी की एक घटना यहां घटित हुई माना जाता है कि महाभारत के पांडवों ने अपने निर्वासन का एक हिस्सा यहां बिताया था।
जिसका साक्ष्य आज भी उपस्थित है जो की पांच गुफाएं स्थित है पांच गुफाएं पाण्डव के सूचक है
मानसून सत्र में पाण्डव फॉल अति मनमोहक है या फिर ऋतु सत्र जाए बहुत आनंद मिलेगा।
धन्यवाद




