
आन्ध्र प्रदेश में मौजूद बेलम गुफ़ाएँ (Belum Caves) दुनिया भर में भूविज्ञानियों के आकर्षण का केन्द्र हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि ये भारतीय उपमहाद्वीप की दूसरी सबसे बड़ी प्राकृतिक गुफा हैं।


बेलम का अर्थ -
इस का नाम संस्कृत में प्रयुक्त 'बैलम' शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ है 'गुफ़ाओं'। तेलुगू में ये गुफ़ा 'बेलम गुहलु' नाम से जानी जाती हैं।
बेलम का इतिहास -
इन्हें मूल रूप से तो 1884 में एच.बी. फुटे ने खोजा था। लेकिन दुनिया के सामने 1982 में यूरोपीय गुफ़ाविज्ञानियों की एक मंडली ने इन्हें मौजूदा स्वरूप में पेश किया। हालांकि इनका रास्ता पुरातत्त्व विभाग ने खोज निकाला था।



अजीब हैं बेलम गुफ़ाएँ
गुफ़ाएँ आम तौर पर पहा़ड़ों में होते हैं, लेकिन बेलम गुफाओं की खासियत है कि यह एक बड़े से सपाट खेत के नीचे स्थित है। इसके अंदर जाने के तीन प्रवेश द्वार हैं, जिनका आकार कुएं के छेद जितना है। लगभग बीस मीटर तक सीधे नीचे उतरने के बाद गुफा जमीन के नीचे फैल जाती हैं। इन गुफाओं की लम्बाई 3229 मीटर है।




गुफा में हैं पानी के सोते -
बेलम की गुफ़ाएँ (Belum Caves) खास हैं क्योंकि इसके अंदर ताजे पानी के बहते हुए कई सोते हैं। यह प्रकृति की करामात ही है, जो बेहद अनूठा है।पातलगंगा से निकलने वाला पानी गुफा में कुछ दूरी तय करने के बाद रहस्यमयी तरीके से गायब हो जाता है। जियोलॉजिस्ट के मुताबिक, हजारों साल पहले इस गुफा के नीचे पानी का बहाव बेहद तेज होगा, जिस कारण यह गुफा बनी होगी।गुफा के अन्दर कई ऐसी चट्टानें मौजूद हैं, जिनमें पानी के कारण छेद बन गए होंगे।



गुफा में हैं कुएं जितने बड़े सिंकहोल -
बता दें कि ज्यादातर गुफ़ाएँ पहाड़ों में होती हैं,लेकिन भारत की ये गुफा एक सपाट खेत के नीचे बनी है। ऊपर से नीचे गुफा तक कुएं जैसे तीन बड़े छेद बने हैं। इनमें से बीच वाले का इस्तेमाल गुफा में जाने के लिए किया जाता है।



मिले थे जैन और बुद्धिस्ट भिक्षुओं के अवशेष
इन गुफाओं का जियोलॉजिकल के अलावा एतिहासिक महत्व भी है। दरअसल, इन गुफाओं में जैन और बौद्ध भिक्षुओं के रहने के अवशेष मिले थे। जिन्हें अब अनंतपुर के म्यूजियम में सुरक्षित रखा गया है। बताया जाता है कि प्राचीन समय में यह गुफा बौद्ध भिक्षुओं के बीच ध्यान केंद्र के लिए मशहूर थी।


कैसे पहुंचे:
बेलम से सबसे नजदीकी एयरपोर्ट हैदराबाद है। आपको सभी बड़े शहरों से हैदराबाद के लिए फ्लाइट्स मिलेंगी। यहां से आप कुरनूल के लिए डायरेक्ट टैक्सी और बस ले सकते हैं।
बेलम गुफाओं से सबसे नजदीकी स्टेशन है तड़ीपत्री, जो यहां से 30 किमी दूर है। यहां से दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, तिरुपति, कन्याकुमारी, तिरुवनंतपुरम, कोयम्बटूर और गोवा से रोज ट्रेन चलती है।
बेलम से हैदराबाद 350किमी और बैंगलोर से 250 किमी दूर है। यदि आप बस से जाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको पहले तड़ीपत्री आना होगा, यहां से बेलम के लिए लगातर बसें चलती हैं। इसके अलावा कैब्स भी हायर कर सकते हैं।





