
दोस्तो ट्रेक करने में सब को बहुत मजा आता है. चारो तरह सुन्दरता और सुन्दर नजारे हो तो मजा क्यू ना आये. कैसा हो अगर आपके चारो तरफ सुन्दरता के साथ साथ छुपी हुई हो मौत. जहाँ एक गलत कदम आपको मौत की तरफ धकेल सकता है. जी हाँ ये बिल्कुल सही है मैं बात कर रहा हूँ मेघालय के मवरंगखांग ट्रेक के बारे में.

मवरंगखांग ट्रेक - ये ट्रेक मेघालय के वाखेन गाँव में है. ये अपने तरह का एक अनोखा ट्रेक है. ये ट्रेक सिर्फ 1.7 km का एक छोटा सा ट्रेक है, लेकिन कदम कदम पर खतरों से भरा है

जैसे ही आप गाँव में प्रवेश करेंगे आपको एक पार्किंग मिलेगी और पार्किंग के बगल में ही एक छोटा सा टीन का बना कमरा मिलेगा जहाँ से आप 50 रूपये की पर्ची कटा कर अपना ट्रेक शुरू कर सकते हैं. इस 50 रूपये में आपको एक गाइड भी मिलेगा जो आपको रास्ता दिखाने से ज्यादा खतरे में आपकी मदद करेगा और आपको बतायेगा कैसे इस ट्रेक से आपको जिंदा निकलना है.


अगर इस ट्रेक की खूबसूरती की बात की जाये तो. ट्रेक शुरू होते ही आपको एक से एक दिलकश नजारे देखने को मिल जायेंगे. छोटी छोटी जल धाराएँ, नदियाँ और झरने इस ट्रेक को खूबसूरत बनाते हैं.


क्यू है ये ट्रेक खतरनाक - दोस्तों अब आपको बताऊँगा ये ट्रेक इतना खतरनाक क्यू है. इस ट्रेक को गाँव वालों ने अपनी मेहनत से बनाया है. जब तक वाखेन गाँव में ये ट्रेक नहीं था. वाखेन को कोई जानता भी नहीं था. गाँव वालों ने अपने बल बूते पर इस गाँव को एक अलग ही पहचान दिला दी है. इस ट्रेक के एक साइड खड़े चट्टान के पहाड़ हैं और दूसरी ओर गहरी खाई है. गाँव वालों ने बांस की लकडिय़ों को चट्टान पर बहुत ही कुशलता से फिट कर दिया है जिसमें आप चल सकते हो और ये ट्रेक कर सकते हो.


इस लिए इस ट्रेक को बेंम्बू ट्रेक भी कहा जाता है. इन बेंम्बूओ से बने गैप से नीचे देखने पर आपको गहरी खाई दिखेगी और आपको अगर ऊंचाई से डर लगता है तो आपको चक्कर भी आ सकते हैं. ट्रेक खत्म होता है एक चट्टान के उप्पर जा कर बने व्यू पॉइंट में.


कैसे पहुँचे
वाखेन गाँव मेघालय की राजधानी शिलांग से 50 km की दूरी पर है. शिलांग से यहाँ तक के लिए बहुत आसानी से टैक्सी मिल जाती है. शिलांग पहुचने के लिए सब से पास का एयरपोर्ट और रेल्वे स्टेशन गुवाहटी है जो शिलांग से 100 km है.

