जी हां , मैं बात कर रहा हूँ भोपाल शहर से तक़रीबन 30 km बाहर रायसेन जिले में बसे प्राचीन " भोजपुर शिव मंदिर "की !

भोपाल शहर के बाहर बसा भोजपुर मन्दिर का निर्माण राजा भोज प्रथम (ई० 1010-1055) के द्वारा कराया गया था ! ऊंची पहाड़ी पर बसे इस अपूर्ण मन्दिर का निर्माण बड़े बड़े पत्थरो के द्वारा किया गया था ! इस मन्दिर के गर्भगृह मे स्थापित शिवलिंग 2.03 मीटर भारत मे विशालतम हैं !

इस मंदिर के गर्भ गृह का अपूर्ण शिखर 40 ft ऊँचे 4 स्तम्भों और 12 अर्ध स्तम्भों पर निर्मित है


इस मंदिर के विशाल चबूतरे से सामने की ओर का नजारा बेहद ही खूबसूरत दिखता है क्योंकि यह मंदिर बेतवा नदी के तट पर स्थित है !

इस मंदिर में ढेरों बंदरो ने अपना कब्जा जमा रखा है लेकिन सामान्यतः यह किसी को नुकसान नही पहुँचाते है लेकिन अगर आपके हाथ मे कोई पैकेट है तो सावधानी बरतें ! आप इन्हें अपने हाथों से भी कुछ खिला सकते है !


मंदिर के द्वार शाखा के दोनों ओर नदी देवी गंगा और यमुना की प्रतिमा स्थापित है ! इसके अलावा भी कई मूर्तियां मंदिर के बाहरी दीवार पर लगी हुई है !


यह मंदिर सुबह सूर्योदय से शाम सूर्यास्त तक ही खुला रहता है !