भीमाशंकर पुणे महाराष्ट्र
ॐ भीमशंकराय नमः
भीमाशंकर भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक लिंग है। यह पुणे से 127km की दूरी पर पहाड़ियों पर स्थित है।
आइये हम अपने सफर की शुरुवात करते हैं, हमने शिरडी से भीमाशंकर के लिए गाड़ी लिया। शिरडी से यह स्थान करीब 200km की दूरी पर स्थित है। हमने सुबह 10बजे अपनी यात्रा की नींव रखी। गाड़ी की रफ्तार इतनी तेज थी कि क्या सड़कें, क्या पेड़, क्या पहाड़ सब तेजी से पीछे छूटे जा रहे थे। आप जब कभी शिरडी से भीमाशंकर की यात्रा पर जाइये करीब 60km के बाद आपको "साईंप्रसाद रेस्टोरेंट" मिलेगा, यहां आपको चाय, बड़ा पाव, इडली, एवं स्वादिष्ट भोजन मिलेगा। एक बार स्वाद चखियेगा जरूर। यहां पर बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले भी लगे हुए हैं।
यहां नाश्ता करने के बाद हमने अपनी यात्रा को पुनः जारी किया। काफी km चलने के बाद करीब 50km के बाद पहाड़ी रास्तों की शुरुवात हुई। जैसे जैसे गाड़ी ऊपर जा रही थी वैसे वैसे बादलों ने पूरी सड़कों को अपने आगोश में लिया हुआ था। कभी धुंधली सड़के दिखाई देती कभी बारिश की ठंडी बौछारें पड़ती। वाकई ये जगह उनके लिए बेहतरीन है जो प्रकृति प्रेमी हैं। यहां आकर उन्हें सुकून की प्राप्ति होगी। ऊंची ऊंची पहाड़ियां, हरे भरे पेड़ पौधे, काले बादल और उसमें से गिरती हुईं ठंडी बौछारें। करीब 2.15PM पर हम भीमाशंकर पहुंचे, बादल पूरी तरह से काले हो रखे थे, बारिशों ने पूरी सड़कों को अपने से भिगो रखा था और लगातार भिगोये जा रहा था। जिस स्थान पर गाड़ी रुकती हैं वहां से भीमाशंकर मंदिर की दूरी 1km है। यहां पर बुजुर्ग एवं बच्चों के लिए पालकी की सुविधा उपलब्ध है। यहां बारिश से बचने के लिए आपको वाटर कवर मात्र ₹30 में मिल जाएगा। कोशिश करिये आप अपने साथ रेनकोट रखिये एवं अगर बच्चे जा रहे हैं तो उनके लिए ठंडक से बचने के लिए गर्म कपड़े जरूर रखें।
कुछ 300mtr चलने के बाद मंदिर के लिए सीढियां हैं, यहां आपको मंदिर में चढ़ाने के लिए फूल-प्रसाद मिल जाएगा। मंदिर में फोटो लेना मना है लेकिन आप फ़ोन अपने साथ ले जा सकते हैं। मंदिर पहुचने के बाद मैंने फूल लिया और मंदिर में जाकर भगवान शिव को नारियल, फूल, बेलपत्री अर्पण की। दर्शन इतने आराम से किया न किसी पुलिसवाले ने धक्का दिया न किसी ने पूजा करने में बाधा डाली। वहां से निकलने की बाद आपको भगवान राम का मंदिर, शनिदेव का मंदिर, संकटमोचन हनुमान जी का मंदिर मिलेगा। यहां पर एक नदी बेहती है जिसका उद्गम स्थान वही है लेकिन आप यहां नहा नहीं सकते। यहीं पर आपको कई तरह की जड़ी-बूटियों से निर्मित दवांए मिलेगी जो काफी बीमारियों के लिए लाभदायक है।
सच में यह स्थान पवित्र होने के साथ साथ प्रकृति से भरा क्षेत्र है। यहां एक बार अवश्य आएं बहुत अच्छा लगेगा। आते समय आपको बीच बीच में कई वाटर फाल मिलेगा जहां आप फ़ोटो लेकर अपनी यादों को डायरी के पन्ने में सहज सकते हैं।





















