खंडहरों की एक अपनी यादें होती है, जिसमें दफ्न होती हैं ढ़ेर सारी कहानियां , यादें और कुर्बानियां। जब भी हम कदम दर कदम आगे बढ़कर किसी खास जगह घूमते हैं तो वरन उसे सिर्फ घूमना ही नहीं होता है बल्कि उसे महसूस करना और जीना होता है। इस्ट इंडिया कंपनी के विरोध में जब उत्तर-प्रदेश से क्रांतिकारियों का हुजूम निकला तो लखनऊ में बैठे इस्ट इंडिया के एजेंट और ब्रिटिश सैनिकों के छक्के छूट गए थे। पिछले हफ्ते रेजीडेंसी जाना हुआ था तो सोचा कि आप लोगों से कुछ पल को बांध दू, जिसे मैंने वहां कुछ जानने और सीखने के तौर पर बिताया था । इस पूरे टूर का वीडियो भी है उसे आप यूट्यूब पर जाकर Amit singh Paliwall सर्च करके देख सकते हैं या कमेंट में लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं।
यात्रा दिनांक - 11 अगस्त, 2019
स्थान - लखनऊ रेजीडेंसी
वीडियो लिंक - https://youtu.be/BkSZKDiU2iI