
मैं बचपन से एडवेंचर्स का बहुत ज़्यादा शौकिन रहा हूँ। जैसे-जैसे मैं बड़ा होता गया एडवेंचर का लेवल भी बढ़ता चला गया। इसके चलते मैंने दिल्ली में जितनी भी जगह है सब घूम डाली। फ़िर और एडवेंचर व थ्रिल की तलाश में मैंने दिल्ली में भूतिया जगहों की खोज शुरू कर दी। मुझे उम्मीद थी कि कोई तो भूत दिखेगा। और एक दो बार ऐसी घटना भी हुई पर उसकी बात बाद में। आज मैं यहाँ दिल्ली की ऐसी 7 भूतिया जगहों के बारे में बताऊँगा जिसके बारे में जान कर आपकी वहाँ जाने की इच्छा और बढ़ जाएगी या फ़िर आप वहाॅं कभी नहीं जाना चाहेंगे।

1. GK हाउस W3
ग्रेटर कैलाश की W3 हाउस का किस्सा बिल्कुल फ़िल्मी है। यहाँ पर बूढ़े मियाँ-बीवी रहा करते थे। यहाँ पर एक दिन एक व्यक्ति चोरी करने के इरादे से आया और उन दोनों बूढ़े दम्पति को मार कर अन्डर टैंक में फेंक गया। लोगों को उनके शव का पता लगभग 2 साल बाद लगा। और तभी से बोला जाता है कि यहाँ पर उन दोनों पति-पत्नी की आत्मा रहती है।
बहुत से लोगों ने देखा है कि रात में घर की लाइट जलती है और झूले अपने-आप चलने लगते हैं। यहाँ पर रात होते ही जाना मना है। 7 बजे (सूर्यास्त) के बाद इस घर के आस-पास पुलिस तैनात रहती है।
स्थान- ग्रेटर कैलाश -1, W ब्लॉक हाउस नम्बर.3, नई दिल्ली।

2. ख़ूनी दरवाज़ा
ख़ूनी दरवाज़ा एक ऐसा दरवाज़ा जिसपर बहुत ही ख़ून-ख़राबा हुआ है। बहादुर शाह ज़फर के 3 बेटों को इसी जगह पर मारा गया था। 1947 में आए बहुत से रिफ्यूजी को भी इस जगह मारा गया था। इसका नाम ही लोगों को डराने के लिए बहुत है। इतना ही नहीं, इधर लोगों को रोने, चिल्लाने और गोली चलने तक की आवाज़ सुनाई देती है। यहाँ का वातावरण बहुत ज़्यादा नकारात्मक है। जैसे ही लोग इसके पास आते हैं तब लोगों को अन्दर से घबराहट होने लगती है और वो निराश हो जाते हैं।
स्थान- बहादुर शाह ज़फर मार्ग, नई दिल्ली।

3. फिरोज़शाह कोटला फोर्ट
14वी सदी में बनाया गया दिल्ली का तीसरा शहर है। अगर दिल्ली की सबसे डरावनी जगहों की बात की जाए तो यह उनमें से सबसे ज़्यादा डरावनी है। इस जगह को काफ़ी सदी से भूतिया माना जाता है। बताया जाता है कि यहाँ पर एक जिन्न का साया है। 2 बात बहुत ज़्यादा प्रचलित है इस जगह के बार में, एक यह की यहाँ पर जो भी ख़ूबसूरत लम्बे बाल वाली लड़की आती है उनको जिन्न वश में कर लेता है। दूसरी यहाँ पर लोग हर गुरुवार को जिन्न की पूजा कर अपनी इच्छानुसार काम सौंप जाते हैं। लोग जिन्न के नाम ख़त छोड़ जाते हैं। अगर आप यहाँ जाएँगे तब आपको पूजा की सामग्री और ख़त दिखाई देंगे लेकिन मेरी सलाह है आप उन्हें पढ़ने की चेष्टा मत ही कीजिएगा।
स्थान- बहादुर शाह ज़फर मार्ग, नई दिल्ली।

4. संजय वन
दिल्ली का सबसे घना और बड़ा जंगल। ये हद से ज़्यादा ख़ूबसूरत है! दिल्ली में शायद ही कोई दूसरा वन इतना ज़्यादा ख़ूबसूरत हो। परन्तु इसके बावजूद यहाँ पर काफ़ी डरावनी आत्माओं के होने का ज़िक्र हुआ है। यहाँ पर कुछ सूफी संत की मज़ार है, जहाँ पर उनसे आत्मा मिलने आती है। यह तो बस शुरुआत है! मानते हैं यहाँ पर एक बहुत ही डरावनी चुड़ैल का साया है। जब भी कोई इस वन से गुज़रता है तब सफ़ेद साड़ी में एक औरत लिफ्ट माॅंगती दिखेगी। अगर कोई उनको लिफ्ट देता है तो उसका फ़िर कोई पता नहीं चलता। इसके अलावा अगर हम उसको देख कर निकल जाएँ तो वो हमारा पीछा करने लगती है। यहाँ पर रात 12 से सुबह 5 बजे जो भी जाता है वो वापस नहीं आता है। यहाँ पर ऐसी बहुत-सी घटनाएँ हुई हैं।
स्थान- अरुणा आसफ अली मार्ग, क़ुतुब मीनार के करीब, नई दिल्ली।

5. द रिज - महरौली
महरौली की तरफ़ अगर संजय वन देखने गए हो तो उधर ही ‘द रिज’ भी चले जाएँ। यह जगह दो कारणों से डरावनी है, एक तो यहाँ पर युद्ध के समय बहुत लोगों का ख़ून बहा है। दूसरी यहाँ पर लोगों को ब्रिटिश समय का सैनिक दिखाई देता है। दोनों बात को साइड रख कर यहाँ जाया जाए तो यहाँ का वातावरण काफ़ी ज़्यादा नकरात्मक है। आप का मन होगा कैसे न कैसे जल्दी से यहाँ से बाहर निकल जाएँ।
इतनी डरावनी बातों के बावजूद आज तक इस जगह पर कोई भी बड़ी घटना नहीं हुई है।
स्थान- वसन्त कुञ्ज, महरौली रोड, नई दिल्ली।

6. भूली भटियारी
मूली भटियारी एक ऐसी जगह है जहाँ पर गार्ड भी ज़्यादा समय काम नहीं करना चाहते हैं। शाम होते ही गार्ड सबसे पहले यहाँ से गायब होते हैं। पुलिस की वैन 24 घण्टे यहाँ की निगरानी रखे हुए रहते हैं। माना जाता है यहाँ का जो असली मालिक था ‘बु अली भट्टी’, उसकी बीवी का किसी और के साथ सम्बन्ध होने के कारण उसके पति ने उसे इसमें बन्द कर दिया था और कुछ समय बाद उसकी मृत्यु भी यहीं हुई। तबसे ही उसकी आत्मा यहाँ रह रही है। यहाँ पर रात में किसी के होने का दावा किया जाता है। जिस कारण गार्ड भी यहाँ पर काम करना नहीं चाहते।
स्थान- सेंट्रल रिज़र्व रिज फॉरेस्ट, नई दिल्ली।

7. मालचा महल
चाणक्य पूरी के जंगलों में 14वीं सदी का यह महल, जो “विलायत महल” से भी जाना जाता है। इसके बारे में बहुत कम लोगों को पता है। इस महल का प्रिंस अली रज़ा 2017 में डेंगू से मरा क्योंकि वो नवाबी छोड़ अपना ईलाज किसी अस्पताल में कराने के लिए तैयार नहीं था। उसके मरने के बाद से ही यह जगह हॉन्टेड हो गई है। अली रज़ा के मरने के पहले यहाँ पर उनकी बहन और माँ दोनों की भी मृत्यु हुई थी। अली रज़ा के जाने के बाद से ही यहाँ पर बहुत सी भूतिया घटना होने लगी है। पहले तो यहाँ तक जाने का रास्ता ही बहुत ख़तरनाक है। उसके बाद इस जगह पहुँचने पर डरावना सा एहसास होता है। इसकी पूरी कहानी एक पैराग्राफ में बता पाना मुश्किल है। बस यह जान लीजिए कि यहाँ रात में जाना यानि अपनी जान से खेलना है।
स्थान- सरदार पटेल मार्ग, नई दिल्ली।
-अंकित