'झुमका गिरा रे बरेली के बाज़ार में' इस गाने को अपने कई बार सुना होगा, कभी-कभी गुनगुनाया होगा और इसपर ठुमके तो ज़रूर लगाए होंगे। तो इस सिलसिले को अब आप एक कदम आगे बढ़ा सकते हैं और बरेली का झुमका लेने सीधे प्लेन में बैठकर बरेली पहुँच सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अब बरेली के पास भी अपना एयरपोर्ट है। 10 मार्च को इस एयरपोर्ट का उद्घाटन राज्य विमानन मंत्री नंद गोपाल नंदी और केंद्र मंत्री संतोष गंगवार ने किया। ये एयरपोर्ट बरेली को लखनऊ और दिल्ली से जोड़ेगा, जिसके लिए उड़ानें 15 अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद है।

तो इस एयरपोर्ट ने बरेली आना- जाना तो अब बड़ा आसान बना दिया है, लेकिन वहाँ जा कर करें क्या? आपकी इस परेशानी को मैं आसान बना देती हूँ और बताती हूँ बरेली में क्या है देखने लायक!
बरेली का बाज़ार

अब बरेली के बाज़ार के बिना इस सूची की शुरुआत हो जाए, ये तो थोड़ी नाइंसाफी हो जाएगी, है ना? अपनी ज्वेलरी बाज़ार के लिए मशहूर बरेली के बड़ा बाज़ार को शॉपिंग के लिए चुनें। करीब 3 किलोमीटर तक फैले इस बाज़ार में आपको ज्वेलरी के अलावा फर्निचर से लेकर घर का दूसरा सामान भी मिल जाएगा। लेकिन हाँ, इन पतली सी गलियों में बने बाज़ार से गुज़रने में आपको थोड़ी मेहनत तो करनी पड़ेगी।
इसके अलावा आप यहाँ के बाज़ारों से ज़री की साड़ियाँ, बांस का फर्निचर या मशहूर सुरमा भी खरीद सकते हैं।
अलखनाथ मंदिर
बरेली को शिव की नगरी भी कहा जाता है। ऐसा इसलिए कि यहाँ पर कई सारे शिव मंदिर बने हुए हैं। ऐसा ही एक महत्वपूर्ण मंदिर है अलखनाथ मंदिर जो बरेली में नागा साधुओं का गढ़ भी है। इस आंगन में आपको साधुओं के अलावा कई भगवानों की प्रतिमाएँ भी मिल जाएँगी।
जगन्नाथ मंदिर
शिव को समर्पित ये मंदिर अपनी ऐतिहासिक महत्ता के लिए जाना जाता है। माना जाता है कि ये मंदिर और इसके अंदर रखी प्रतिमाएँ और पेंटिंग करीब 200 साल पुरानी हैं।
अहिच्छत्र

इस जगह का रिश्ता सिर्फ इतिहास ही नहीं, बल्कि पुराणों से भी है। माना जाता है ये जगह महाभारत काल में पांचाल राज्य की राजधानी हुआ करती थी, और यही वो जगह है जहाँ द्रौपदी ने जन्म लिया था। यहाँ आपको इटों से बने त्रिकोण आकार वाली कुछ संरचनाएँ दिखेंगी जो कि उस समय का अवशेष मानी जाती हैं।
तुलसीमठ

अलखनाथ मंदिर के पास बने तुलसीमठ का रिश्ता भी पुराणों से जुड़ा है। माना जाता है ये वही जगह है रामचरितमानस लिखने वाले कवि तुलसीदास का जन्म हुआ था।
दरगाह अला हज़रत


छोटे से भीड़-भाड़ भरे बरेली शहर के बीच, शांति और अध्यात्म की खोज में लोग यहाँ आते हैं। इस दरगाह को इस्लामिक ज्ञान के केंद्र के तौर पर तो देखा जाता ही है, साथ ही इसके शांत वातारण के लिए भी यहाँ पर हाज़िरी लगाने की सलाह दी जाती है।
कहाँ घूमने जाएँ इसकी लिस्ट अब आपके पास है, फ्लाइट भी तैयार है तो इंतजार किस बात का है? मौके का फायदा उठाइए और बरेली हो आइए!