
1. गोल्डन टेंपल, अमृतसर
गोल्डन टेंपल या श्री हरमिन्दर सिंह साहिब मन्दिर सिखों का पवित्र स्थान है | यह मंदिर सरोवर के बीच में बना है जिसे अमृत सरोवर भी कहते हैं | इस मंदिर पर सोने की परत चढ़ी हुई है, जिससे इस मंदिर को लोग गोल्डन टेंपल या स्वर्ण मंदिर के नाम से भी जानते हैं |
यह मंदिर बहुत सुन्दर होने के कारण और सिखों के पवित्र स्थल होने के कारण बहुत प्रसिद्ध है | पर्यटक अमृतसर में मुख्यतः स्वर्ण मंदिर ही देखने आते हैं | इस मंदिर के आसपास बहुत सारे दुकान, होटल, रेस्टोरेंट सब मौजूद हैं |






2. गोबिंदगढ़ फोर्ट
गोबिंदगढ़ फोर्ट एक ऐतिहासिक मिलिट्री फोर्ट है, जो अमृतसर शहर के बीच में बना हुआ है | यहाँ की एंट्री फीस 30 रुपये हैं | अंदर में 3 संग्रहालय भी है जिसे आप अतिरिक्त 30 रुपये दे कर देख सकते हैं | यहाँ पर राजा रणजीत सिंह की वीर गाथायें भी दिखायी जाती हैं | आप जब भी अमृतसर आयें तो यह किला घूमना ना भूलें | यह किला गोल्डन टेंपल से 2.5 km दूर स्थित है | यहाँ आपको इतिहास की बहुत सारी जानकारियां मिलेंगी |

3. दुर्गियाना मंदिर
दुर्गियाना मंदिर स्वर्ण मंदिर की तरह ही सरोवर के बीच में बनाया गया है | यह मंदिर स्वर्ण मंदिर की तरह ही दिखता है | दुर्गियाना मंदिर राधा कृष्ण को समर्पित है | यह मंदिर गोल्डन टेंपल से 2 km की दूरी पर स्थित है |

4. जलियांवाला बाग
जलियांवाला बाग स्वर्ण मंदिर के मुख्य द्वार के पास ही मौजूद है | यह जगह भी बहुत ऐतिहासिक है | यहाँ पर एक अँग्रेज ऑफिसर ने अकारण उस सभा में उपस्थित भीड़ पर गोलियाँ चलवा दीं, जिसमें 400 से अधिक व्यक्ति मरे[और २००० से अधिक घायल हुए।[अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में 484 शहीदों की सूची है, जबकि जलियांवाला बाग में कुल 388 शहीदों की सूची है। ब्रिटिश राज के अभिलेख इस घटना में 200 लोगों के घायल होने और 379 लोगों के शहीद होने की बात स्वीकार करते है जिनमें से 337 पुरुष, 41 नाबालिग लड़के और एक 6-सप्ताह का बच्चा था। अनाधिकारिक आँकड़ों के अनुसार 1000 से अधिक लोग मारे गए और 2000 से अधिक घायल हुए। आपको अभी भी इसकी दीवारों पर गोलियों के निशान दिखायी देंगे |