उत्तराखंड यात्रा वृतांत Day - 2 ,06 मई 2018

Tripoto
Photo of उत्तराखंड यात्रा वृतांत Day - 2 ,06 मई 2018 1/1 by Parag Dubey
Day 2

सफ़र की पहली रात,खाना खाने के बाद होटल की बड़ी सी छत्त पर टहलते हुए हँसी - ठिठोली ने सफ़र की थकान को कम कर दिया,सुबह कुछ लोगो के अलार्म बज उठे | तय schedule से 1 घंटे बाद , सुबह 6 बजे हम निकले, निकलते ही नुक्कड़ पर गर्मागरम पोहे का ठेला , मालवा का प्रमुख नाश्ता जब किसी दुसरे प्रदेश में दिखाई दे तो स्वतः ही मन ललचा ही जाता है | सफ़र में सुबह का नाश्ता बहुत ही जरुरी होता है , इससे Avoid करने से बचे |

खैर अब समय था गाडी का पेट भरने का , मध्यप्रदेश से कुछ रूपये महंगा डीजल डलवाकर जो निकले तो सीधा जयपुर के बाद ही एक Milestone पर रुके , बेहतरीन सड़के और सुबह का अपेक्षाकृत कम Traffic. करीब 2 बजे ठेट राजस्थानी ठाबे जिसमे खाट लगे हुए थे हम भोजन के लिए रुके,वहां एक अघोषित नियम था कि ट्रक ड्राइवर्स NON AC वाले हॉल में खाट पर बैठेगे और परिवार वाले AC हॉल में सोफे पर. खाट पर बैठने ही हमारी इक्शा को ढाबे मालिक ने रफा दफा कर दिया 🙁

भोजन के बाद जब Navigator पर रास्ता देखा तो उसने हरिद्वार के 2 रास्ते सुझाये एक दिल्ली से और दूसरा हरियाणा से, दिल्ली के Traffic का खोफ मन में था तो हमने थोडा लम्बा रास्ता तय करते हुए हरियाणा से होकर जाना उचित समझा, आधी कच्ची आधी पक्की , कुछ निर्माणाधीन सड़क से होते हुए रोहतक पहुचे , राजस्थान से कुछ रूपये सस्ता डीजल डलवाया रास्ते के एक गाव में शुद्ध घी की बड़ी सी जलेबी खाई और निकल पड़े |

फिर पता नहीं गाने की आवाज़ ने navigator की आवाज को अनसुना कर दिया , एक turn miss किया जब तक समझ पते तब तक Navigator reroute हो गया और हाईवे को छोड़ गावो से होकर जाने वाली सड़क पकड़ ली , गलती देर से समझ आई तब तक देर हो चुकि थी सो उसी रास्ते पर चलना पड़ा | बैकअप प्लान के लिए मेरठ को रखा ज्यादा देर होती तो मेरठ ही रुकते |

अँधेरा , हरियाणा और उत्तरप्रदेश तीनो ही डरावनी चीजों के बीच से होते हुए रात 10 बजे दिल्ली हरिद्वार हाईवे पर मिले , गरमागरम पुलाव खाया , गाडी चेक की और निकल पड़े पवित्र नगरी हरिद्वार की ओर |

रात करीब 12 बजे हरिद्वार पहुचे, सामने ही अच्छा सा होटल मिला और वही डेरा जमा लिया |

उस दिन 800KM से भी ज्यादा का सफ़र तय किया चार प्रदेशो से गुजरते हुए हरिद्वार पहुचे, खूब तो नहीं थके पर लगातार accelerator pedal पर पैर रखे से Right Knee अकड़ में आ गया 😛 हलकी नोकझोक के बाद थके हुई जनता सो गई अब इन्तजार था तो बस सामने बह रही गंगा में डूबकी लगाने का ......