
कश्मीरी झीलों के आगोश में।
झीलों का सबसे खूबसूरत समूह!
दोस्तों झीलों का महत्व और उसका जिक्र हमारे जीवन में प्रत्येक क्षेत्र में रहा है। कभी लेखन के क्षेत्र में कभी फिल्मी छेत्र में, तो कभी हमारे स्वयं के विचारों,भावनाओं में और हमारे मन में उसको लेकर उत्सुकता, साथ ही उसकी सुंदरता को लेकर अनेक शब्द प्रचलित है।
जैसे.... सोचो कि झीलों का शहर हो।..तालों में नैनीताल।
या फिर किसी की सुंदरता का बखान झील के समान किया गया?
सांवली सलोनी तेरी झील सी आंखें।...जी जरूर! देखा कितनी नजदीक और पास -पास है ये झीले हमारे!
और एक ऐसी ही खूबसूरत झील के बारे में मैं आपको बताना चाहता हूं जिसकी सुंदरता आपके दिलो-दिमाग में छा जाए, बेहद खूबसूरत कश्मीर ग्रेट लेक्स की झीलें,
एक गाइड के रूप में कश्मीरी झीलों की यात्रा मैंने कई बार अपने जीवन में की है।और हर बार की यात्रा, में ताजगी से भरपूर,शीशे का साफ पानी इतना साफ की झील की तलहटी तक आपको दिखाई देती है।और इन झीलों के तीनो तरफ बर्फ से ढकी घाटी नुमा पहाड़ियां।जो वास्तव में झीलों की सुंदरता में चार चांद लगा देती है।नीले आसमान में बादलों के झुरमुट के बीच चमकते सूरज की परछाई स्पष्ट रूप से झील पर दिखाई देती है। सोनामर्ग से कश्मीर ग्रेट लेक्स की,पहली झील, सतसर झील तक पहुंचने के लिए आपको 2 दिन लगते हैं जो कि अधिकतम 25 से 30 किलोमीटर पैदल पथ द्वारा तय करना पड़ता है,जिस दौरान आप अधिकतम ऊंचाई पर स्थित सतसर पास 12000 फीट को पार करके सतसर झील तक पहुंचते हैं? अधिक ऊंचाई पर होने के कारण यहां का मौसम आपको सदाबहार सर्दी का ही एहसास दिलाता है।जरा रुकिए तो सही!.....यहां तक पहुंचने के लिए यह जगह आपकी फिटनेस का भी अच्छा खासा टेस्ट लेती है।अगर आपकी सेहत अत्यधिक ऊंचाई पर यात्रा के लिए फिट है तो आप खुश किस्मत हैं।
अगर नहीं तो कोई बात नहीं थोड़ा घर पर पसीना बहाकर आइएगा।वैसे अत्यधिक ऊंचाई पर यात्रा करने के लिए इस माहौल का आपको आभास होना जरूरी है।जिसे आप अपने घर पर भी प्रतिदिन हल्का शारीरिक व्यायाम करके प्राप्त कर सकते हैं।
अरे हां, मैं आपके बीच कहां खो गया, लौटते हैं झीलों की ओर।
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दोस्तों अब बात करते हैं गांदरबल झील की, जो कि एक और बेहद खूबसूरत झील है।5000 मीटर की ऊंचाई पर माउंट हरमुख! स्थित ग्लेशियर से गिरता जलप्रपात गांदेरबल
को निरंतर जल प्रदान करने वाला ग्लेशियर बर्फ से ढका निरंतर चमकते रहता है।और हां, अगर आप फिशिंग या फिर मछलियां पकड़ने में माहिर हैं तो फिर यह झील आपके लिए है।साफ पानी में रहने वाली ट्राउट मछली आपको यहां आसानी से भरपूर मिल सकती है, लेकिन उसके लिए आपको कुछ जरूरी कागजी कार्यवाही करनी पड़ेगी।
साथ ही यहां स्थानीय चरवाहे अपनी भेड़ बकरियों के साथ आपको आसानी से देखने को मिल जाते हैं जो कि पर्याय मौसम के अनुसार यहीं रहते हैं और सर्दियों में मौसम ठंडा होने पर नीचे की ओर पलायन कर जाते हैं।इन झीलों के किनारे आप रात्रि टेंट लगाकर रात्रि विश्राम के बाद प्रातः कालीन उठकर झील के किनारे योग! फिर ध्यान जैसी क्रिया भी कर सकते हैं। आपकी मन शांति के लिए।अब हरी भरी घाटी के बीच झील और केवल उससे गिरते जल प्रपात की आवाज हो तो फिर आपको स्वतः ही मानसिक!शांति का आभास तो होगा ही...शांति शांति!...
अपनी यात्रा अनुभव को बयान करने का यह मेरा छोटा सा प्रयास है। आपका उत्साह वर्धन मिला तो आगे भी प्रयास रहेगा।..


