
स्वच्छता सर्वेक्षण में स्वच्छता का चौका लगाने वाले इंदौर को सलाम। लगातार चार सालों से इंदौर, भारत का सबसे साफ शहर बना हुआ है। इस साल फिर से 2020 के लिए इंदौर और सूरत को सबसे साफ़ शहर का पुरस्कार मिला है, जबकि मध्य प्रदेश को दूसरे सबसे साफ़ प्रदेश का पुरस्कार मिला है। चमचमाती सड़क, साफ हवा और इंदौरियों की स्वच्छता के लिए आकर्षण का केंद्र है। इंदौर भारत के बड़े शहरों में शुमार है जो अपने रिच हैरिटेज, फूड, बिजनेस, मार्केट और नेचर के लिए जाना जाता है। स्वच्छता का चौका लगाने वाले इस शहर में घुमक्कड़ों के लिए बहुत कुछ है।

इंदौर सिटी (Indore City)
इंदौर शहर को मिनी मुंबई के नाम से भी जाना जाता है। यहां घुमक्कड़ों के लिए बहुत कुछ है। मंदिर, पैलेस, गार्डन, म्यूजियम और भी बहुत कुछ।
राजबाड़ा (Rajwada) - शहर के बिल्कुल बीचोंबीच स्थित राजबाड़ा होल्कर वंश की निशानी है। होल्करों ने कई सौ साल तक यहां राज किया था। राजबाड़ा पांच मंजिला इमारत है जो होल्कर शासन में मुख्य इमारत थी। इसका उपयोग प्रशासनिक कार्य (Administration work) के लिए किया जाता था। इसी इमारत में दरबार हॉल, म्यूजियम, मार्तंड मंदिर भी है।
लाल बाग पैलेस (LAL BAGH PALACE) - होल्कर साम्राज्य की विलासता का प्रतीक लाल बाग पैलेस बेहद सुंदर और भव्य है। पैलेस कुल 1,13,312 स्क्वार मीटर में बना हुआ है जो तीन मंजिला है। इसे 1886 में होल्कर राजा शिवाजी होल्कर ने बनवाया था। पैलेस के मेन गेट पर बकिंघम पैलेस के गेट की रेप्लिका लगी हुई है जिसे इंग्लैंड से मंगवाया गया था। ये पैलेस अपने झूमर (Chandelier), पेटिंग, मूर्तियों और हां इटैलियन मार्बल के लिए जाना जाता है। यहां रोज गार्डन भी है।
बड़ा गणपति (Bada Ganpati) - आप सभी ने गणेश भगवान के बहुत सारे मंदिर देखे होंगे लेकिन आपने इंदौर के बड़ा गणपति मंदिर के गणेश भगवान के दर्शन किए हैं? इंदौर का बड़ा गणपति मंदिर अपने आप अनोखा है क्योंकि यहां मंदिर में स्थापित सबसे ऊंची गणेश प्रतिमा विराजमान है।
गोमटगिरि (Gomatgiri) - जैनों के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल गोमटगिरि में जैनों के अनेक मंदिर हैं जो भगवान ऋषभदेव से लेकर तीर्थंकर महावीर को समर्पित हैं।


इंदौर के खजराना इलाके में स्थित गणेश मंदिर बेहद खास मंदिर है। इसका निर्माण अहिल्या बाई होल्कर ने साल 1735 में करवाया था।
मेघदूत गार्डन (Meghdoot Garden) - इंदौर के सबसे बड़े गार्डन में से एक मेघदूत गार्डन है। यहां एक रोज गार्डन भी है। ये रोज गार्डन एमपी का सबसे बड़ा रोज गार्डन है।
सैंट्रल म्यूजियम (Central Museum) - एमपी के सबसे पुराने म्यूजियम में से एक म्यूजियम है। इस म्यूजियम की स्थापना 1929 में की गई थी। इससे पहले इसका उपयोग होल्कर शासन में फोटो और कुछ विशेष सामान इकट्ठा करने के लिए किया जाता था।

इस मंदिर में फर्श से लेकर छत तक कांच ही कांच दिखाई देता है। बेहद खूबसूरत दिखने वाले इस मंदिर को सेठ हुकुमचंद जैन ने बनवाया था। इस मंदिर को बनाने के के लिए कारीगरों को जयपुर और ईरान से बुलवाया गया था। इसके कांच को बेल्जियम से मंगवाया गया था।
आउटर इंदौर (Outer Indore)
जैसे इंदौर सिटी में घूमने के लिए ढेर सारी जगह हैं वैसे ही इंदौर शहर के बाहर भी। वाइल्डलाइफ से लेकर नेचर तक, ऐतिहासिक से लेकर साइटसीइंग तक सबकुछ है इंदौर में।



इंदौर की एक और खास जगह जगह है रालामंडल अभ्यारण्य (Ralamandal Sanctuary)। इंदौर से 10 किमी दूर स्थित रालामंडल बहुत सारे प्राणियों का घर है जिनमें तेंदुआ, बार्किंग डियर, हिरण, फोक्स, ब्लैक डियर, जंगली सुअर हैं। होल्कर के समय ये जगह शिकार करने की बहुत फेमस जगह थी इसलिए इसे शिकारगढ़ भी कहा जाता है।

इंदौर से 29 किमी दूर स्थित पातालपानी वॉटरफॉल बेहद सुंदर है। 300 फुट ऊंचे इस वॉटरफॉल की सुंदरता देखते ही बनती है। मानसून में इस वॉटरफॉल की छटा देखते ही बनती है। चारों ओर हरियाली और ऊंचाई से गिरता झरना मन को सुकून देता है। मन करता है बस यूं देखते रहे हैं।



फूड और कल्चर
इंदौर खाने के शौकीनों के लिए स्वर्ग है। इसे नमकीन कैपिटल ऑफ इंडिया भी कहा जाता है। यहां 101 किस्म का नमकीन बनता है जो पूरे भारत में कहीं नहीं बनता है। आपने इंदौर के पोहे के बारे में तो जरूर सुना होगा। यहां पोहे भी कई तरह के मिलते हैं जिनमें उसल पोहा, मिसल पोहा भी शामिल है। दाल-बाटी वो भी मालवा स्टाइल में। कई तरह की कचौड़ी है। इंदौर के दो फूड डेस्टिनेशन तो वर्ल्ड फेमस हैं पहला सराफा और दूसरा 56 दुकान है।
इंदौर को चटोरों का शहर कहा जाता है। आप सोच रहे होंगे मैं खाने की बात करते-करते सराफा बाजार को कहां से ले आया। यही तो इंदौर की खासियत है। पुराने इंदौर में सराफा बाजार में दिन में गहनों की बिक्री होती है और रात में शटर डाउन होते ही चटोरा का मेला लग जाता है। इसे चौपाटी भी कहते हैं। ये चौपाटी सुबह 5 बजे तक खुली रहती है वो भी 12 महीना। है ना मजेदार। यहां जोशी के दही बड़े, भुट्टे की कीस, इंदौर स्टाइल में हॉट डॉग, इंदौर स्टाइल बर्गर, गराडू, साबूदाना की खिचड़ी सब कुछ इंदौर स्टाइल में मिलता है। इंदौर स्टाइल का मतलब हर डिश में सेव।

56 दुकान इंदौर की एक और जगह जहां चटोरे अपनी इच्छा पूरी करने आते है। जैसा नाम से जाहिर कि यहां एक लाइन से 56 पकवानों की दुकान है। यहां एक से बढ़कर चटकारे हैं। जॉनी हॉट डॉग जिसका नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। एक साल में सबसे ज्यादा हॉट डॉग बेचने का रिकॉर्ड है। इसके अलावा यहां तवा आइसक्रीम, पान बर्फी, लस्सी विद फलूदा, मालवा थाली जैसे फूड सर्व किए जाते हैं।


इंदौर से 23 किमी दूर स्थित महू जिसे अब डॉ अंबेडकर नगर के नाम से भी जाना जाता है। ये शहर नेचर से लेकर हिस्ट्री तक सबका लाडला है। इसी जगह पर डॉ भीमराव अंबेडकर का जन्म हुआ था। यहीं जानपाव की पहाड़ियां है जहां से चंबल, गंभीर जैसी नदियां निकलती हैं। इसके अलावा यहां परशुराम कुंड, जमदग्नि आश्रम भी है। महू, मिलिट्री के लिए बेहद खास शहर है यहां मिलिट्री से जुड़े कई सारे संस्थान भी है।
इंदौर का कल्चर मिलनसार है जो इसे अनोखा बनाती है। यहां गैरों को भी अपना बनाने की कला है। यहां बहुत सारे त्योहार मनाएं जाते हैं। यहां गैर नाम से एक त्योहार मनाया जाता है जो रंगपंचमी के दिन मनाया जाता है। इस दिन राजबाड़ा चौक पर होली होती है। इस दिन लाखों लोग यहां इकट्ठा होते हैं जो एक रिकॉर्ड है। यहां हिंदी के अलावा मालवी बोली (Dialect) बोली जाती है।

आपको सस्ता सामान खरीदने का शौक है और मोल-भाव भी पसंद है तो इंदौर का राजबाड़ा मार्केट आपके लिए परफेक्ट है। यहां आपको सबकुछ मिलेगा मतलब सबकुछ। किताबों से लेकर ज्वैलरी और सुई-धागे से लेकर फुटवेयर वो भी बाजिव दाम में। राजबाड़ा में बहुत सारी गलियां है जो जिनमें अलग-अलग बाजार हैं। राजबाड़ा पर आड़ा बाजार, साठा बाजार, इमली मार्केट, खजूरी मार्केट, छोटा सराफा, बड़ा सराफा, बर्तन बाजार, सीतला माता बाजार, बोहरा मार्केट हैं। इसके अलावा इंदौर में अपोलो टॉवर, क्लॉथ मार्केट, मालवा मिल, कोठारी मार्केट हैं। आपको नाइट लाइफ और मॉल्स में शॉपिंग करना पसंद है तो आपके लिए एबी रोड शानदार जगह है। यहां हर ब्रांड का प्रोडक्ट मिल जाएगा।


कैसे पहुंचे (How to Reach)
एयर - यहां देवी अहिल्याबाई होल्कर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यहां से देश के बड़े शहरों के लिए फ्लाइट उपलब्ध है।
ट्रेन - इंदौर रेलवे स्टेशन जंक्शन है। यहां से देश के विभिन्न शहरों के लिए ट्रेन उपलब्ध है।
बस - यहां इंटर स्टेट बस स्टेशन है जो एमपी के अलावा देश के कई राज्यों के लिए बस उपलब्ध कराता है। यहां से कई शहरों के लिए लक्जरी बस सर्विस भी उपलब्ध है।
कब जाएं (Best to visit)
इंदौर, मालवा के पठार में स्थित सबसे बड़ा शहर है। यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा मौसम ठंड है। यहां अक्टूबर से मार्च तक बिंदास घूमा जा सकता है।
नजदीकी टूरिस्ट प्वॉइंट (Nearest tourist attraction point)
इंदौर से नजदीक कई सारे टूरिस्ट प्वॉइंट हैं -
उज्जैन - 54 किमी दूर इंदौर से
मांडू - 76 किमी दूर इंदौर से
ओमकारेश्वर - 77 किमी दूर इंदौर से
बाघ की गुफाएं - 144 किमी इंदौर से
महेश्वर - 78 किमी इंदौर से
इंदौर बेमिसाल और लाजवाब शहर है। तो फिर देर क्यों कर रिये हो, जल्दी जाओ घूम कर आओ।
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